राहु-केतु का राशि परिवर्तन ..................पद्मा शर्मा
राहु-केतु 14 जनवरी, 2013 को राशि परिवर्तन कर रहे हैं। राहु अब तुला राशि में आ जाएंगे और केतु मेष राशि में। कुंभ राशि के बाद वक्र गति से चलते हुए राहु काफी दिनों बाद अपनी प्रिय राशि में आए हंै। यह एक राशि में करीब डेढ़ वर्ष रहते हैं और वहां रहकर कुछ राशि वालों के लिए अपना नया मायाजाल रचते हैं। राहु और केतु छाया ग्रह हैं और इनका भौतिक अस्तित्व नहीं है। यह दो आकाशीय कक्षाओं के कटान बिंदु हैं राहु और केतु। ज्योतिष में इनकी भूमिका अतिशक्तिशाली मानी गई है। पौराणिक कथन है कि समुद्र मंथन के बाद अमृत के उपभोग को लेकर राहु के सिर और धड़ को अलग कर दिया गया था। इस पौराणिक कथन को किसी खगोलीय घटना का प्रतीक मानते हुए हम लोग इन्हें ग्रहों के समकक्ष स्थान देते हैं। राहु और केतु अब ब्रह्मा की सभा में स्थान पाते हैं, उन्हें यज्ञ भाग का अधिकार है, वह राक्षस श्रेणी से देव श्रेणी में आ गए हैं और उन्हें वरदान देने की शक्तियां भी प्राप्त हैं। उनका नैसर्गिक बल सूर्य से भी ज्यादा माना गया है तथा सूर्य और चंद्रमा ही इनके प्रथम शत्रु हैं इसलिए उन्हें ढककर ग्रहण करा देते हैं। राहु को आमतौर से अनिष्टकारक ग्रह के रूप में देखा जाता है परंतु राहु और केतु जिस पर कृपालु हो जाएं, उसे निहाल कर देते हैं। प्रत्येक राशि के लिए राहु और केतु जो फल प्रदान करेंगे, वह इस प्रकार है। मेष : मेष राशि वालों के लिए राहु विवाह संबंधी, भागीदारी संबंधी और लाभ-हानि से संबंधित प्रभाव देंगे। मेष राशि वालों के लिए वर्ष 2013 लाभकारक रहेगा, भाई-बहिनों से संबंधों में सुधार आएगा, भागीदारी के मामलों में अधिक सक्रिय रहेंगे तथा जीवनसाथी के लिए शुभ परिणाम लाएंगे। राहु के सबसे कठिन परिणाम तब मिलेंगे जब वह 18फरवरी, 2013 के बाद वक्री शनि की ओर तेजी से बढ़ेंगे। शनि तुला राशि में वक्री होंगे और 100 तक पहुंचेंगे और वापस वृश्चिक की ओर चल देंगे। राहु के और इनके भोग अंश वर्ष के आखिरी त्रैमास में समान रहेंगे और तब यह अपना कठिन स्वभाव छोड़ेंगे। सितंबर मास में जीवनसाथी के लिए स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से थोड़ा कठिन समय है। वृषभ : वृषभ राशि वालों के लिए राहु बहुत लाभकारक हैं। व्यवसाय में तेजी लाएंगे, शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे और नए संधि सहयोग मिलेगा। वर्ष 2013 में प्रमुख शत्रुहन्ता हैं और घर-परिवार के विवाद निपटाने में मदद करेंगे। इस वर्ष आर्थिक लाभ भी अधिक होगा और ऋणों का पुनर्भुगतान होगा, किसी कठिन विवाद में विजय प्राप्त होगी या समझौता होगा और मामला शांत सा हो जाएगा। कार्यक्षेत्र में नई-नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। तकनीकी सहयोग का आदान-प्रदान करेंगे। भूमि-भवन के निस्तारण संबंधी योजना सामने आ सकती है। आध्यात्मिक शक्तियां बढ़ेंगी। मिथुन : मिथुन राशि वालों के लिए संतान के लिए उन्नतिदायक समय है, उनकी पदोन्नति होगी या कुछ नया करेंगे। सितंबर के आस-पास कुछ परेशानियां आएंगी। भाई-बहिनों के साथ संबंध बनाए रखने में दिक्कत आएगी या एक-दूसरे से दूर-दूर रहेंगे। जीवनसाथी के लिए अच्छा समय है परंतु व्यवसाय संबंधी व उनके काम-काज संबंधी निर्णय बहुत सोच-समझकर करें। पद-प्रतिष्ठा की भारी चिंता बनी रहेगी और संतान की अनिश्चय की आशंका में दिन व्यतीत करेंगे। 2013 की गर्मियों के बाद विवाह संबंध अच्छे रहेंगे या जो अविवाहित हैं उनका विवाह होगा तथा भागीदारी के मामलों में थोड़ी बहुत खट-पट हो सकती है। कर्क : इस वर्ष भूमि-भवन के मामलों को प्राथमिकता देंगे। लंबी यात्राएं होंगी, विदेश यात्राएं संभव हैं। विदेश व्यापार में फायदा होगा, गर्मियों के बाद यात्राएं बहुत ज्यादा होंगी। आध्यात्मिक अनुभूतियां होंगी परंतु माता के लिए शारीरिक कष्ट रहेगा। कभी-कभी अपयश मिलेगा परंतु भौतिक उपलब्धियां अधिक होंगी। वर्ष के उत्तराद्र्ध में गृह कलह रहेगी और सरकारी तंत्र से नुकसान हो सकता है। इस पूरे वर्ष वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, विशेष तौर से वर्ष के अंतिम त्रैमास में। शत्रुओं को परास्त कर पाएंगे। व्यवसाय में संघर्ष के बाद भी अच्छी स्थिति बनेगी। रुपये का लेन-देन उच्चकोटि का रहेगा परंतु धन संचय नहीं हो पाएगा। सिंह : इस वर्ष दुस्साहसपूर्ण निर्णय लेंगे और व्यवसाय को सफल बनाने के लिए अन्य लोगों का सहयोग लेना होगा। यदि नौकरी करते हैं तो वर्ष का मध्य अच्छा जा सकता है और उसके बाद आर्थिक साधन लगातार अच्छे होते चले जाएंगे। संतान के लिए यह समय शुभ है, उनकी हर तरह से उन्नति होगी आर्थिक भी और पद-प्रतिष्ठा देने वाली भी। धार्मिक कार्यों की प्रधानता रहेगी और वर्ष के मध्य में अचानक धन प्राप्ति के संकेत हंै। अविवाहित लोगों के विवाह संबंध होंगे और जो विवाहित हैं उनका वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। व्यवसाय में नई संधियां कर सकते हैं या पुरानी भागीदारी में कुछ अच्छा आने वाला है। भाई-बहिनों के लिए वर्ष थोड़ा चिंताजनक रहेगा। कन्या : यह वर्ष मिश्रित परिणामों वाला रहेगा। वर्ष के प्रारंभ में घर-कुटुंब से संबंधित अच्छे परिणाम आ सकते हैं, आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। शत्रुओं को परास्त करेंगे और प्रतियोगिता में विजयी होंगे। वर्ष के उत्तराद्र्ध में आपके निजी सुख बढ़ेंगे, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी परंतु कुटुंब में विवाद होगा। आर्थिक समस्या यथावत रहेगी। चर्म रोग या वात-विकार की प्रधानता रहेगी और लंबी दूरी की यात्राएं होंगी। घर में कई बार तालमेल की कमी रहेगी परंतु आप स्वयं अपनी योग्यता के सहारे आगे बढ़ेंगे। तुला : इस वर्ष नौकरी या व्यवसाय में अच्छा होते हुए भी कई कठिनाइयां आएंगी। वर्ष के मध्य में कठिनाइयों में कमी आ सकती है परंतु उत्तराद्र्ध में तो कोई ना कोई विवाद बना ही रहेगा, निजी जीवन में कष्ट रहेंगे। अप्रैल-मई में तो एक तरफ आपके भागीदारी में सहायता मिलेगी, आपकी स्वयं की पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी परंतु कठिनाइयां निरंतर चलती रहेंगी। इस वर्ष आपको साझेदारी के मामलों में ज्यादा ध्यान देना होगा। एक तरफ वजन बढ़ता रहेगा तो दूसरी तरफ उसे कम करने की कोशिश करते रहेंगे। बहिन-भाइयों के लिए यह अच्छा समय है परंतु आपके स्वयं के व्यवसाय में लगातार दबाव बना रहेगा। वृश्चिक : इस वर्ष भूमि-भवन के मामलों को आप प्राथमिकता देंगे। आपका कार्य स्थान या रहने का स्थान बदल सकता है या आप नई व्यावसायिक जगह को चुन सकते हैं। आर्थिक दृष्टि से बहुत खर्चे वाला समय है और कभी-कभी नुकसान भी होना नजर आ रहा है। कहीं से इकट्ठा आर्थिक लाभ हो सकता है परंतु वह स्थिति गर्मियों के बाद आ सकती है, उसके पहले परिवार में विवाद चलते रहेंगे। घर कलह में बहुत ही सावधानी बरतें, छोटी-छोटी बातें भी बड़े विवाद में बदल जाएंगी। ऋण के लेन-देन को लेकर समस्या बनी रहेगी। विद्याओं पर आप बहुत ज्यादा देंगे। रहस्यविद्याओं को भी आप प्राप्त करेंगे। कई बार घरेलू कलह सतह पर आ जाएगी परंतु आप इन सबकी परवाह किए बिना अपना काम कर लेंगे। धनु : वर्ष का प्रारंभ आर्थिक लाभ कराने वाला है। व्यवसाय में नई तकनीक का प्रयोग करेंगे या नए लोगों से संधि करेंगे। वर्ष के मध्य में गृह कलह बढेगी, अपने साथियों से मतभेद बढ़ेगा। आपका आर्थिक लाभ पहले से अधिक बढ़ेगा। आप हर परिस्थिति का मुकाबला करने को तैयार रहेंगे और हर अच्छी व बुरी घटना के बाद आप पूरे जोश में बने रहेंगे और चुनौतियों का नए सिरे से मुकाबला करेंगे। जुलाई से सितंबर स्वास्थ्य के लिए कठिन है और दुर्घटना की आंशका से बचने के लिए राहु का पूजा पाठ करना ठीक रहेगा। मकर : यह वर्ष बहुत संघर्षपूर्ण बना हुआ है जिसमें नौकरी व व्यवसाय में उत्थान हो सकता है। पहले आर्थिक लाभ होगा परंतु गर्मियों के बाद दबाव बढ़ जाएगा और ऋण लेना पड़ सकता है। व्यावसायिक शत्रुओं के विरुद्ध कार्यवाही करेंगे और उनसे मुकाबला करने के लिए या परास्त करने के लिए जोखिम उठाएंगे, कुल मिलाकर कर्जा ही बढ़ेगा। इस वर्ष साझेदारी के मामलों में सावधानी बरतें। जीवनसाथी के साथ खट-पट बनी रहेगी। यदि काफी दिनों से साथ हैं तो उनकी शल्य चिकित्सा की संभावना बनी हुई है। यह वर्ष मिश्रित सफलताओं वाला है, जिनमें कुछ महीने तो अत्यंत श्रेष्ठ जाएंगे और बाकी महीने संघर्ष करते हुए मिलेंगे। भाग-दौड़ बहुत अधिक होगी। आजीविका के क्षेत्रों में किसी षडय़ंत्र का शिकार हो सकते हैं। कुंभ : वर्ष का प्रारंभ अच्छे वातावरण में होगा। सरकारी संस्थाओं या अन्य स्थानों में आपके काम बनेंगे, लोग आपको अधिक सम्मान देंगे और घर-जमीन से संबंधित बातों में प्रगति आएगी। इस समय आप कई ऐसे कार्य करेंगे जिन्हें अनुचित कहा जा सकता है। आप नियम तोड़कर भी काम करना पसंद करेंगे। अप्रैल के बाद कई काम अच्छे होने लगेंगे, आप साहसपूर्ण फैसले लेंगे और बहुत बड़े वर्ग से मिलना होगा। मई में किसी भी तरह के काम बन सकते हैं परंतु जून के बाद वातावरण एकदम से बदल जाएगा। जून-जुलाई आर्थिक लाभ का समय है। व्यवसाय में विरोधी लोगों को आप चित्त कर लेंगे परंतु इस समय गृह कलह बढ़ेगी और घर में दवाइयों का खर्चा बढ़ेगा। गर्मियों के बाद आपका आर्थिक लाभ लगातार बढ़ता चला जाएगा। कलह के बावजूद भी बाहर अच्छा कार्य-प्रदर्शन करेंगे। मीन : वर्ष का प्रारंभ कठिनाइयों के साथ है। काम बनेंगे और बिगड़ेंगे। निजी मामलों में वैवाहिक सुख बढ़ेगा, भागीदारियों में सफल होंगे। कार्यस्थल पर छोटे-मोटे विवाद चलते रहेेेंगे परंतु गर्मियों के बाद आपका कामकाज श्रेष्ठ होगा, आपको उपहार मिलेगा। अंतिम त्रैमास में मन को परेशान करने वाली कोई घटना होगी तथा स्वास्थ्य के कारणों पर बड़ा खर्चा होगा। इस समय आजीविका के क्षेत्रों में आपकी सफलता ज्यादा होगी और आप कुछ नया करने में समर्थ होंगे। संतान के लिए यह वर्ष कठिन है। कुटुंब के मामले में आप धीरज से काम लें। माता के लिए यह वर्ष शुभ है, उन्हें अपने घर-परिवार से भी काफी सहयोग मिलेगा।